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Showing posts from November, 2025

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PART 18 - वास्तुशास्त्रम - भूमिगत पानी की टंकी और छत के ऊपर पानी की टंकी कहाँ बनायें और क्यों ?

  PART 18 - वास्तुशास्त्रम - भूमिगत पानी की टंकी और छत के ऊपर पानी की टंकी कहाँ बनायें और क्यों ? पंचतत्व के आधार पर पानी की टंकी कहाँ बनायें ? Video Link: CLICK FOR VIDEOS द्वारा अनुज मिश्रा

ब्रह्मसूत्र जनेऊ ( ब्रह्मफांस जनेऊ ) कैसे बनायें ?

  ब्रह्मसूत्र जनेऊ ( ब्रह्मफांस जनेऊ ) कैसे बनायें ? Video Link: CLICK FOR VIDEOS BY: Divine Shaligram यज्ञोपवीत में तीन लड़, नौ तार और 96 चौवे ही क्यों? यज्ञोपवीत के तीन लड़, सृष्टि के समस्त पहलुओं में व्याप्त त्रिविध धर्मों की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करते हैं। तैत्तिरीय संहिता 6, 3, 10, 5 के अनुसार तीन लड़ों से तीन ऋणों का बोध होता है। ब्रह्मचर्य से ऋषिऋण, यज्ञ से देवऋण और प्रजापालन से पितृऋण चुकाया जाता है। ब्रह्मा, विष्णु और महेश यज्ञोपवीतधारी द्विज की उपासना से प्रसन्न होते हैं। त्रिगुणात्मक तीन लड़ बल, वीर्य और ओज को बढ़ाने वाले हैं, वेदत्रयी, ऋक, यजु, साम की रक्षा करती हैं। सत, रज व तम तीन गुणों की सगुणात्मक वृद्धि करते हैं। यह तीनों लोकों के यश की प्रतीक हैं। माता, पिता और आचार्य के प्रति समर्पण, कर्तव्यपालन, कर्तव्यनिष्ठा की बोधक हैं। सामवेदीय छान्दोग्यसूत्र में लिखा है-ब्रह्माजी ने तीन वेदों से तीन लड़ों का सूत्र बनाया विष्णु ने ज्ञान, कर्म, उपासना इन तीनों कांडों से तिगुना किया और शिवजी ने गायत्री से अभिमंत्रित कर उसमें ब्रह्म गांठ लगा दी। इस प्रकार यज्ञोपवीत नौ तार और ग...

PART 17 - वास्तुशास्त्रम - शौचालय और स्नान घर का उत्तम स्थान कहाँ है तथा शौच के समय आपका मुख किस दिशा में होना चाहिए ?

  PART 17 - वास्तुशास्त्रम - शौचालय और स्नान घर का उत्तम स्थान कहाँ है तथा शौच के समय आपका मुख किस दिशा में होना चाहिए ? Video Link:    CLICK FOR VIDEOS द्वारा  अनुज मिश्रा+

गरुड़ पुराण : श्राद्ध के उपरांत आत्मा को मुक्ति मिली है या नहीं, कैसे समझें ?

  गरुड़ पुराण : श्राद्ध के उपरांत आत्मा को मुक्ति मिली है या नहीं, कैसे समझें ? Videpo Link: CLICK FOR VIDEOS